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बजट में स्वीकृत सड़क आज तक अधूरी — बंशुला से कपिस्दा मार्ग निर्माण पर उठे सवाल

बजट में स्वीकृत सड़क आज तक अधूरी — बंशुला से कपिस्दा मार्ग निर्माण पर उठे सवाल

📍 जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़ | सीजी पंचायत न्यूज़ 24/7 विशेष रिपोर्ट

जिले के ग्रामीणों के लिए बहुप्रतीक्षित बंशुला से कपिस्दा तक 3.00 किमी लंबाई की सड़क आज भी कागज़ों से बाहर नहीं निकल पाई है। जबकि इस सड़क निर्माण कार्य को वर्ष 2024–25 के बजट में विधिवत शामिल कर शासन द्वारा 372.49 लाख रुपये (लगभग 3.72 करोड़ रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। अब सवाल यह है कि स्वीकृति मिलने के लगभग एक वर्ष बाद भी सड़क का निर्माण शुरू क्यों नहीं हुआ?

📄 शासन ने दी थी आधिकारिक स्वीकृति

लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 17-324/2024/19/तक-2 के अनुसार, इस सड़क निर्माण को मद क्र. 7494 अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई थी। यह स्वीकृति वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी की गई थी। आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि—

तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर निविदा प्रक्रिया पूरी की जानी थी

पुल/पुलिया की डिज़ाइन अनुमोदन के बाद कार्य शुरू होना था

अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र मद के अंतर्गत यह सड़क बनाई जानी थी

बजट आबंटन की सीमा में कार्य सुनिश्चित किया जाना था

भू-अर्जन हेतु राशि भी प्रस्ताव अनुसार स्वीकृत थी

यानि प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी स्तर पर सारी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ था।

🚧 जमीनी हकीकत: सड़क अब भी जर्जर

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बंशुला से कपिस्दा तक का मार्ग बरसात में दलदल बन जाता है और गर्मियों में धूल का गुबार उड़ता रहता है। एंबुलेंस, स्कूली वाहन और किसानों की उपज ढोने वाले वाहन तक इस मार्ग पर चलने में परेशानी झेलते हैं।

ग्रामवासियों का कहना है:

“सरकार कागज में सड़क बना देती है, लेकिन जमीन पर हालत पहले जैसी ही है। बरसात में हम लोग कट जाते हैं।”

आखिर देरी क्यों?

इतनी बड़ी राशि की स्वीकृति के बाद भी यदि कार्य शुरू नहीं हुआ है, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है—

क्या अब तक तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई?

क्या निविदा प्रक्रिया लंबित है?

क्या बजट राशि जारी नहीं हुई या अन्यत्र समायोजित कर दी गई?

क्या भू-अर्जन की प्रक्रिया अटकी हुई है?

यदि कागज़ी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई क्यों नहीं दे रहा?

जिम्मेदार विभागों पर निगाह

इस कार्य की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के संबंधित संभागीय और जिला स्तर के अधिकारियों की बनती है। शासन स्तर से आदेश जारी होने के बाद भी यदि क्रियान्वयन नहीं हो रहा, तो यह प्रशासनिक उदासीनता का संकेत माना जा रहा है।

🗣 ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—

✔ स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए

✔ निविदा, तकनीकी स्वीकृति और बजट निर्गम की जानकारी जारी की जाए

✔ निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए

✔ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

📢 सीजी पंचायत न्यूज़ 24/7 की अपील

यह सड़क केवल कागज का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि हजारों ग्रामीणों की दैनिक जरूरत है। शासन और प्रशासन से अपेक्षा है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू कर जनता को राहत दी जाए।

अब देखना यह है कि करोड़ों की स्वीकृति वाली यह सड़क कब जमीन पर उतरती है — या फिर फाइलों में ही चलती रहेगी।

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