
रायपुर/ छत्तीसगढ़
अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव श्री हेमंत पैगवार ने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं अन्य राज्य सूचना आयुक्तों को पदभार ग्रहण करने पर दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में हाल ही में की गई नई नियुक्तियों को लेकर प्रदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव श्री हेमंत पैगवार ने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं अन्य राज्य सूचना आयुक्तों को पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव हेमंत पैगवार ने कहा कि जिस प्रकार भ्रष्टाचार ने शासन-प्रशासन की व्यवस्था को गहराई तक प्रभावित किया है, उसे जड़ से समाप्त करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) सबसे प्रभावी और सशक्त हथियार है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से नियंत्रण पाना संभव नहीं है। सूचना का अधिकार आम नागरिकों को शासन की कार्यप्रणाली पर नजर रखने का अधिकार देता है, जिससे पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा मिलता है।
श्री पैगवार ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन के अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सूचना आयोग एक ऐसी मजबूत और पारदर्शी कार्यप्रणाली विकसित करेगा, जिससे आम जनता को समय पर और सहज रूप से जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि आयोग की सक्रियता से न केवल सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों और दोषी तंत्र पर भी प्रभावी लगाम लगाई जा सकेगी।
प्रदेश सचिव ने यह भी कहा कि मानव अधिकारों की सुरक्षा और सुशासन की स्थापना तभी संभव है, जब सरकारी तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही हो। सूचना आयोग की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संस्था नागरिकों और प्रशासन के बीच एक सेतु का कार्य करती है। जब नागरिकों को सही समय पर सही जानकारी मिलती है, तो उनका लोकतांत्रिक विश्वास मजबूत होता है।
उन्होंने आगे कहा कि नई नियुक्तियों से राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलों और शिकायतों के शीघ्र निपटारे की नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से लंबित मामलों के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब आयोग के सशक्त होने से इन समस्याओं का समाधान तेज गति से होने की संभावना है।
अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छत्तीसगढ़ की ओर से यह आशा व्यक्त की गई कि राज्य सूचना आयोग के और अधिक प्रभावी होने से प्रदेश में पारदर्शिता, ईमानदारी और मानव अधिकारों के मूल मूल्यों को नई शक्ति मिलेगी। संगठन ने यह भी कहा कि वह भविष्य में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्रयास निरंतर जारी रखेगा।
राज्य सूचना आयोग में हुई ये नई नियुक्तियां न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, बल्कि आम जनता के अधिकारों को सशक्त करने की दिशा में भी एक नई उम्मीद लेकर आई हैं।




