Uncategorizedछत्तीसगढ़जांजगीर-चांपाशिक्षा समाचार

जांजगीर-चांपा में भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, छात्र आंदोलन में लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

जांजगीर-चांपा | 25 जुलाई 2026। भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जांजगीर-चांपा इकाई ने शनिवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

जांजगीर-चांपा में भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, छात्र आंदोलन में लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

जांजगीर-चांपा | 25 जुलाई 2026।

भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जांजगीर-चांपा इकाई ने शनिवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

जिला प्रभारी संतराम खरे के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि जंतर-मंतर पर देशभर से आए छात्र-छात्राएं NEET परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों के साथ हुई यह घटना चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। ऐसे समय में छात्रों की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कराई जाए ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

भीम आर्मी ने अपने ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें जंतर-मंतर की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच, लाठीचार्ज के आदेश देने वाले तथा इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई, घायल छात्रों को समुचित उपचार, उचित मुआवजा एवं न्याय प्रदान करना, भविष्य में शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों पर अनावश्यक बल प्रयोग रोकने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करना, NEET सहित सभी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल है।

संगठन ने यह भी कहा कि यदि मामले में शीघ्र एवं न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में व्यापक जनआंदोलन चलाने पर विचार किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह मंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने हाथों में बैनर और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों का समर्थन किया। संगठन ने छात्रों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराते हुए कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य देश का भविष्य है और उनकी आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!