बम्हनीडीह थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम कपिस्दा और कनकपुर में कथित रूप से लंबे समय से चल रही अवैध महुआ एवं देशी शराब की बिक्री को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और मामला सार्वजनिक होने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।

बम्हनीडीह थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
सीजी पंचायत न्यूज़ 24×7 | बम्हनीडीह, जांजगीर-चांपा
बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम कपिस्दा और कनकपुर में कथित रूप से लंबे समय से चल रही अवैध महुआ एवं देशी शराब की बिक्री को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और मामला सार्वजनिक होने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार दोनों गांवों में कई स्थानों पर खुलेआम शराब बिक्री की जा रही है। इससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और परिवारों में आर्थिक एवं सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार की जानकारी प्रशासन और पुलिस तक कई बार पहुंचाई गई है, लेकिन अब तक कोई बड़ा अभियान या लगातार कार्रवाई देखने को नहीं मिली। इसी कारण ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन क्यों हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते अवैध शराब बिक्री पर अंकुश नहीं लगाया गया तो गांव का सामाजिक वातावरण और अधिक खराब हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध स्थानों की जांच की जाए तथा अवैध शराब कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि गांव को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई से ही लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा।
अब पूरे क्षेत्र की नजर पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे जनआंदोलन और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
अवैध शराब बिक्री की निष्पक्ष जांच।
दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई।
गांवों में नियमित पुलिस गश्त।
नशा मुक्ति और जनजागरूकता अभियान।
शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की सार्वजनिक जानकारी।
(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप ग्रामीणों के दावों और शिकायतों पर आधारित हैं। संबंधित विभाग या पुलिस प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)



