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सर्वधर्म एवं सर्व समाज को विवाह निमंत्रण देकर करियारे परिवार ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम अमोदा में करियारे परिवार द्वारा अपने विवाह समारोह को सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता का प्रतीक बनाते हुए सर्वधर्म एवं सर्व समाज को विवाह का निमंत्रण देकर एक प्रेरणादायक पहल की गई है।

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📍 जांजगीर-चांपा | ग्राम अमोदा

सर्वधर्म एवं सर्व समाज को विवाह निमंत्रण देकर करियारे परिवार ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम अमोदा में करियारे परिवार द्वारा अपने विवाह समारोह को सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता का प्रतीक बनाते हुए सर्वधर्म एवं सर्व समाज को विवाह का निमंत्रण देकर एक प्रेरणादायक पहल की गई है।

ग्राम अमोदा निवासी करियारे परिवार ने अपने पुत्री कु. सुमन के विवाह अवसर पर गांव के सभी समाज, सभी वर्ग और सभी धर्मों के लोगों को समान भाव से आमंत्रित कर जाति भेदभाव के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश प्रस्तुत किया है। परिवार का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसकी सराहना कर रहे हैं।

करियारे परिवार गांव के अग्रणी एवं प्रतिष्ठित परिवारों में गिना जाता है, जो वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है। परिवार के सदस्यों ने समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने, जरूरतमंद लोगों की सहायता करने तथा युवाओं को रोजगार के लिए प्रेरित करने में अपनी विशेष भूमिका निभाई है। सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के कारण गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में इस परिवार को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

आज जहां समाज में जातिगत भेदभाव और सामाजिक दूरी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं, वहीं करियारे परिवार ने अपने विवाह निमंत्रण पत्र में “सर्वधर्म एवं सर्व समाज” की भावना को प्राथमिकता देते हुए यह दर्शाया कि सामाजिक रिश्ते जाति और वर्ग से ऊपर होते हैं। विवाह कार्ड में गांव एवं समाज के सभी लोगों को ससम्मान आमंत्रित किया गया है, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारे की सुंदर मिसाल देखने को मिली।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि विवाह केवल दो लोगों का नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का भी एक अवसर होता है। इसी सोच के साथ उन्होंने हर समाज और हर वर्ग के लोगों तक निमंत्रण पहुंचाने का निर्णय लिया ताकि गांव में प्रेम, एकता और भाईचारा मजबूत हो सके।

ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समानता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। लोगों का मानना है कि यदि हर परिवार इसी प्रकार जाति-पांति से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता का संदेश दे, तो समाज में भेदभाव स्वतः समाप्त हो सकता है।

करियारे परिवार की यह अनोखी पहल आज के समय में समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जो यह संदेश देती है कि रिश्तों की असली पहचान प्रेम, सम्मान और अपनत्व से होती है, न कि जाति और वर्ग से।

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