बंसुला में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों में बड़ा आक्रोश
सीसी रोड 4 माह में उखड़ी, पीडीएस भवन निर्माण और नाली मरम्मत कार्यों में भी अनियमितता का आरोप; उच्चस्तरीय जांच की मांग

बंसुला में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों में बड़ा आक्रोश
सीसी रोड 4 माह में उखड़ी, पीडीएस भवन निर्माण और नाली मरम्मत कार्यों में भी अनियमितता का आरोप; ग्रामीणों की उच्चस्तरीय जांच की मांग
बम्हनीडीह, जांजगीर-चांपा। जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत बंसुला में लाखों रुपये की लागत से कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता एवं घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इन कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत बंसुला में “मेन रोड से संतोष टंडन के घर की ओर सीसी रोड निर्माण कार्य” विधायक निधि से कराया गया था। सूचना बोर्ड के अनुसार इस कार्य की निर्माण एजेंसी सरपंच ग्राम पंचायत बंसुला श्रीमती सुमित्रा बाई एवं गंगाराम कुर्रे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 3 से 4 माह पूर्व निर्मित यह सीसी रोड अब कई स्थानों से उखड़ने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया गया होता, तो सड़क इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त नहीं होती। सड़क की वर्तमान स्थिति को देखकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग की आशंका जताई है।
पीडीएस दुकान भवन निर्माण पर भी उठे सवाल
ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के अंतर्गत लगभग 11.40 लाख रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे पीडीएस दुकान भवन को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है तथा घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने भवन निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
नाली साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्य में फर्जी भुगतान का आरोप
ग्रामीणों ने पंचायत में नाली साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्यों में भी वित्तीय अनियमितता होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार रामलाल के घर से आगे की ओर नाली साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्य के नाम पर शासकीय राशि का भुगतान किया गया, जबकि मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति और भुगतान अभिलेखों में अंतर दिखाई देता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फर्जी तरीके से शासकीय राशि आहरित की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

तकनीकी, भौतिक और वित्तीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जनपद पंचायत बम्हनीडीह तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की तकनीकी, भौतिक एवं वित्तीय जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
● सीसी रोड निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए।
● पीडीएस दुकान भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच कराई जाए।
● नाली साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्यों के भुगतान और वास्तविक कार्य का सत्यापन कराया जाए।
● माप पुस्तिका (एम.बी.), कार्यादेश, प्राक्कलन एवं भुगतान अभिलेखों की जांच की जाए।
● फर्जी भुगतान एवं शासकीय राशि आहरण की शिकायतों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
● दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
● निष्पक्ष जांच हेतु स्वतंत्र जांच दल गठित किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं कराई गई तो शासन की लाखों रुपये की राशि व्यर्थ चली जाएगी और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर जनता का विश्वास कमजोर होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
(नोट : उपरोक्त आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि सक्षम अधिकारियों द्वारा जांच के उपरांत ही हो सकेगी।)




