कपिस्दा /बम्हीनीडीह/जांजगीर - चांपा छत्तीसगढ़

118 लाख की पानी टंकी बनी ‘सफेद हाथी’, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

जांजगीर-चांपा/बम्हनीडीह (छत्तीसगढ़) केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत कपीस्दा में सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों की प्यास बुझाने के उद्देश्य से करीब 118.15 लाख रुपये की लागत से बनाई गई विशाल पानी टंकी आज सिर्फ एक “शोपीस” बनकर खड़ी है।

📰 सीजी पंचायत न्यूज़ 24/7 | विशेष रिपोर्ट

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन?

118 लाख की पानी टंकी बनी ‘सफेद हाथी’, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

📍 जांजगीर-चांपा/बम्हनीडीह (छत्तीसगढ़)

केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत कपीस्दा में सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों की प्यास बुझाने के उद्देश्य से करीब 118.15 लाख रुपये की लागत से बनाई गई विशाल पानी टंकी आज सिर्फ एक “शोपीस” बनकर खड़ी है।

👉 कागजों में पूरी, जमीन पर अधूरी योजना

जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में “हर घर नल जल” योजना के तहत 130 किलोलीटर क्षमता और 12 मीटर ऊंचाई की टंकी का निर्माण किया गया था। गांव में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन आज तक इन नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं निकली।

👉 ग्रामीणों की परेशानी चरम पर

भीषण गर्मी के बीच गांव के लोग आज भी पानी के लिए हैंडपंप और दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर हैं। महिलाओं को सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।

👉 टंकी खाली, सप्लाई ठप

ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी में कभी पानी भरा ही नहीं गया। पाइपलाइन बिछाने के बाद भी जल आपूर्ति शुरू नहीं की गई। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ शून्य है।

👉 भ्रष्टाचार की आशंका, जांच की मांग

इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद परिणाम न मिलने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने पूरे प्रोजेक्ट की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

👉 जिम्मेदार कौन?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता प्यास क्यों झेल रही है? क्या अधिकारियों ने मौके पर जाकर सत्यापन किया? या फिर कागजों में ही योजना पूरी कर दी गई?

📢 चेतावनी और उम्मीद

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस “सफेद हाथी” बन चुकी टंकी को कब चालू करता है या फिर ग्रामीणों की प्यास यूं ही अधूरी रह जाएगी।

🎤 रिपोर्ट: सीजी पंचायत न्यूज़ 24/7 टीम

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