जांजगीर-चांपा में भीम आर्मी के प्रयास से आवास तोड़ने के आदेश पर लगी रोक इस मामले में पीड़ित परिवार को मिली बड़ी राहत और पत्रकार व तहसीलदार पर लगे गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार के समर्थन में उतरी भीम आर्मी गरीब मजदूर महिला ने लगाया डराने-धमकाने और अवैध वसूली का आरोप
जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नकटीडीह में एक गरीब मजदूर महिला द्वारा स्थानीय पत्रकार और तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। पीड़िता लीला बाई जोशी पति रथलाल जोशी ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि एक स्थानीय पत्रकार ने झूठी खबर प्रकाशित कर उनके परिवार को डराया-धमकाया तथा पैसे की मांग की।

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जांजगीर-चांपा में भीम आर्मी के प्रयास से आवास तोड़ने के आदेश पर लगी रोक इस मामले में पीड़ित परिवार को मिली बड़ी राहत और पत्रकार व तहसीलदार पर लगे गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार के समर्थन में उतरी भीम आर्मी गरीब मजदूर महिला ने लगाया डराने-धमकाने और अवैध वसूली का आरोप

जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नकटीडीह में एक गरीब मजदूर महिला द्वारा स्थानीय पत्रकार और तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। पीड़िता लीला बाई जोशी पति रथलाल जोशी ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि एक स्थानीय पत्रकार ने झूठी खबर प्रकाशित कर उनके परिवार को डराया-धमकाया तथा पैसे की मांग की।
शिकायत के अनुसार, परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुराने मकान की जगह नया आवास निर्माण करा रहा था। इसी दौरान स्वयं को पत्रकार बताने वाला व्यक्ति निर्माण स्थल पर पहुंचा और जमीन को शासकीय बताते हुए कार्रवाई तथा जेल भेजने की धमकी देने लगा। महिला का आरोप है कि बाद में अखबार में झूठी खबर प्रकाशित की गई और मामले को दबाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन द्वारा बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई करते हुए निर्माण सामग्री जब्त कर ली गई तथा परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
न्याय की मांग को लेकर नकटीडीह पहुंचेगी भीम आर्मी की टीम
मामले को लेकर अब भीम आर्मी भारत एकता मिशन भी सक्रिय हो गई है। संगठन की छत्तीसगढ़ इकाई की टीम 15 मई 2026 को ग्राम नकटीडीह एवं बम्हनीडीह तहसील कार्यालय पहुंचकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग करेगी।
संगठन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, प्रदेश महासचिव कलेश्वर खुंटे द्वारा बम्हनीडीह तहसीलदार और बिर्रा थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान जिला अध्यक्ष मंगलू खांडेकर सहित विभिन्न ब्लॉक अध्यक्ष और पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
भीम आर्मी ने प्रशासन से गांव में पर्याप्त पुलिस व्यवस्था, निष्पक्ष निगरानी और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से न्याय दिलाना है।
भीम आर्मी के प्रयास से आवास तोड़ने के आदेश पर लगी रोक
इस मामले में पीड़ित परिवार को उस समय बड़ी राहत मिली जब आवास तोड़ने संबंधी आदेश पर अगली जांच तक रोक लगा दी गई। जानकारी के अनुसार, भूमि विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ अपील दायर किए जाने के बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई तक पूर्व आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
भीम आर्मी की टीम लगातार परिवार के समर्थन में खड़ी रही और निष्पक्ष जांच की मांग उठाती रही। संगठन ने इसे सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
पीड़ित परिवार ने संगठन और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होगी।




