सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल बने एसपी विजय कुमार पाण्डेय, सबरिया समुदाय को स्वरोजगार से जोड़ा
जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके नेतृत्व में जिले के सबरिया समुदाय को अवैध शराब निर्माण जैसी कुरीति से बाहर निकालकर स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया गया, जो अब एक सफल सामाजिक परिवर्तन की मिसाल बन चुका है।

सीजी पंचायत न्यूज़ 24/7 | विशेष समाचार
जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल बने एसपी विजय कुमार पाण्डेय, सबरिया समुदाय को स्वरोजगार से जोड़ा
जांजगीर-चांपा जिले………
में पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके नेतृत्व में जिले के सबरिया समुदाय को अवैध शराब निर्माण जैसी कुरीति से बाहर निकालकर स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया गया, जो अब एक सफल सामाजिक परिवर्तन की मिसाल बन चुका है।
जानकारी के अनुसार, सबरिया समुदाय लंबे समय से अवैध शराब निर्माण में संलग्न था, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित होती थी, बल्कि समाज में नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता था। इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए एसपी श्री पाण्डेय ने सख्ती के बजाय संवेदनशीलता और विश्वास का रास्ता अपनाया।
पुलिस टीम ने समुदाय के बीच जाकर संवाद स्थापित किया, उन्हें जागरूक किया और मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्हें स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों से जोड़ा गया, जिससे उन्होंने अवैध गतिविधियों को छोड़कर सम्मानजनक जीवन अपनाना शुरू कर दिया।
इस पहल के परिणामस्वरूप जिले में न केवल अपराध दर में कमी आई, बल्कि सामाजिक माहौल में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ और समाज में एक नई दिशा का संचार हुआ।
इस अभिनव कार्य की प्रस्तुति राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में दी गई, जहां देशभर से आए पुलिस अधिकारियों ने इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है, जो यह दर्शाती है कि पुलिस यदि संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करे, तो स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
📌 निष्कर्ष:
एसपी विजय कुमार पाण्डेय की यह पहल न केवल जांजगीर-चांपा बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है, जो यह सिखाती है कि बदलाव संवाद और विश्वास से ही संभव है।




