वर्षों की परेशानी के बाद बन रही सड़क भी चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट!
जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह क्षेत्र अंतर्गत बनसुला से कपिस्दा तक बन रही सड़क अब ग्रामीणों के लिए राहत के बजाय चिंता का विषय बनती जा रही है। वर्षों से खराब सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नई सड़क बनने से आवागमन सुगम होगा, लेकिन निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और घटिया गुणवत्ता के आरोपों ने लोगों की नाराजगी बढ़ा दी है।

वर्षों की परेशानी के बाद बन रही सड़क भी चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट!
बनसूला से कपिस्दा सड़क निर्माण कार्य में घटिया पुलिया निर्माण का आरोप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सीजी पंचायत न्यूज़ 24/7 | बम्हनीडीह/जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह क्षेत्र अंतर्गत बनसुला से कपिस्दा तक बन रही सड़क अब ग्रामीणों के लिए राहत के बजाय चिंता का विषय बनती जा रही है। वर्षों से खराब सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नई सड़क बनने से आवागमन सुगम होगा, लेकिन निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और घटिया गुणवत्ता के आरोपों ने लोगों की नाराजगी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से सड़क मार्ग में बनाई जा रही पुलिया के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिया निर्माण में पर्याप्त गुणवत्ता नहीं बरती जा रही और निर्माण सामग्री में भी लापरवाही की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिया निर्माण के दौरान बेस की उचित सफाई किए बिना ही कंक्रीट डाला जा रहा है। इसके अलावा मिक्सर मशीन से तैयार किए जा रहे कंक्रीट में मजबूती के लिए जरूरी वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे निर्माण कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना proper centering और shuttering के कार्य किए जाने से पुलिया की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निर्धारित मात्रा से कम सीमेंट और अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। कई स्थानों पर कंक्रीट में दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे लोगों को आशंका है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क और पुलिया ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बरसों तक खराब सड़क के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और आम ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ से भर जाती थी और बाइक व साइकिल चलाना भी मुश्किल हो जाता था। ऐसे में जब सड़क निर्माण शुरू हुआ तो ग्रामीणों में खुशी थी, लेकिन अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोगों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।
निर्माण स्थल पर लगे विभागीय बोर्ड के अनुसार इस सड़क निर्माण कार्य की लागत लगभग 3 करोड़ 10 लाख रुपये बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद यदि निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता नहीं दिखाई दे रही है, तो यह गंभीर जांच का विषय है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करें और गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




